Saturday, December 14, 2019

लोकतंत्र विजय भवः

आईये  राजनीति करें--

मैंने अपना मतदान किया , अब आप सब की बारी --
मेरा मत लोकतंत्र के मजबूती हेतु, शाँति, विकास और अमन चैन की भावना फैलाने वाले सोच को ,स्थानीय महक को जो फिजा में  और सुगंध बढाने वाले  हो ,

       मेरा मत "वोट फार ओ पी एस" को जो लाखों-करोङो सरकारी कर्मचारीयों के बुढापे का सहारा है --

    आप भी अपना वोट देने से पहले अपने वोट की कीमत समझें , राज्य के अमन चैन के लिए , लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक सजग प्रहरी के रूप में अपना मतदान  अवश्य करें ।

      ## आदर्श आचार संहिता ने तो कई कलमकारों के लेखनी की ढक्कन को आस्थाई रूप से बंद कर ही दिया है ,लेकिन अगर वह कलमकार पेशे से सरकारी सेवक हो तो नि:संदेह लेखनी की ढक्कन कई एक बिन्दु पर पुरी तरह से बंद और टाईट हो जाती है --मैं स्वयं ने कई बार लेखन का प्रयास किया लेकिन आदर्श चुनाव  आचार संहिता, तथा सरकारी सेवक की अपनी कर्त्तव्यपरायणता ने मुझे इससे रोक लिया और मैं बेबस आज मौन हूँ ,  खास करके -"महाराष्ट्रा विधान सभा --दंगल"
"ङाक्टर प्रियंका रेड्डी--बलात्कार नारी जगत का , शर्मसार पुरूष समाज"
"नागरिक संशोधन बील - कैब भारत मात की आत्मा " ,  "झारखंड विधान सभा चुनाव--लोकतंत्र के एक मजबूत अध्याय अपने उन्नीसवीं साल में "  आदि, आदि  ।

        मेरा अपना मानना है कि सरकार इस पर गंभीरता से विचार करते हुए कलमकारों को पूर्ण आजादी दे-- वह अच्छे कार्यों का प्रशंसा और बुरे कार्यों का निंदा खुल कर कर सके ,
    
  समसामयिक राजनीतिक आलेख में  तो राजनीति घराने, कलम के  लाग लपेटे में आयेंगे ही --कभी अच्छे तो कभी बुरे परिणाम की उन्हें अंकन स्वरूप पेज दिखता रहेगा और लोकतंत्र विजय होता रहेगा ---
    अस्तु लोकतंत्र विजय भवः

No comments:

Post a Comment