Saturday, October 21, 2023

यादें

 0                यादें
        तुम जरूर   जीवित रहोगे 
             सालों सालों तक
             यादों में सुकर्मों से 
       कुकर्मों से सनी तेरी मिट्टी पलित होंगे 
      तेरे जाने के बाद जब सावन बित जायेंगे
  हो जब क्षीतिज पटल से मेरा गमन
  यादों में रहूं  अजर अमर  प्रतिक्षण
युगों -युगों तक दिलाता रहूं मैं स्मरण 
चर्चाऐं आम हो ये लेखन सर्जन अध्यापन
चाहत है खुशबू हो ऐसी हर घर  आंगन .







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