Saturday, April 24, 2021

विश्वास

विश्वास

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तेरे संग चलते चलते
मुझे आभास ऐसा होने लगा है
कि दुरियां सिमटती जा रही है
कठीन रास्ते सुगम दिखने लगे हैं
जीवन के संघर्ष पथ पर
जाने अंजाने
सही ग़लत 
बहुत कुछ हो जाने के बाद 
डरता हूं मैं
अपने किये‌ गलत कर्मों के 
बुरे फल से 
तभी धीरे से
कोई कह रहा है
मैं सुन पा रहा हूं
कोई बिन कहे
 मुझे समझा पा रहा है
धैर्य रख ----- सब्र बांध
आगे भी भला होगा
सब कुछ अच्छा होगा 
उस अदृश्य शक्ति का साथ
मुझे दे रहा है
हर पल यही पावन विश्वास
©-- पवन मिश्रा
     दुमका - झारखंड़
         814101

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