राम आयेंगे
विशेषांक22जनवरी 2024
कल तक वैश्विक मंच सहित संपूर्ण भारतवर्ष यह जान रहे थे , राम ल्ला चौबीस जनवरी को अयोध्या में आ रहे हैं. यह किसी को आकलन तक न था, कि नहीं श्री राम जी सिर्फ अयोध्या नही संपूर्ण भारत वर्ष के हरेक मोहल्ला ,हरेक शहर, हरेक ग़ाव , हरेक मंदिर और यकिन मानिए कि हरेक हिंदुस्तानी के भी दिल में आ रहे हैं-- और श्री राम आज इन सभी जगहों पर भी दिख गये.
दुमका ,गोड्डा ,साहबगंज ,पाकुड ,जामताड़ा , धनबाद , गढवा , चतरा , ,बिहार ,मध्यप्रदेश ,राजस्थान , उत्तारखंड ,उत्तरप्रदेश सहित हिंदी पट्टी के कोई भी जगह ऐसे न थे शायद जहां यह उत्सव व्यापकता और धूमधाम से न मनाया गया हो. लगभग सभी जगह के बाजारों से दीपक -बाती, महावीरी फताका , अबीर , प्रसाद वितरण के प्लेट इत्यादी बिक्री के लिए कम पड बगये. रामायण हनुमान चालिसा और सुंदर कांड की पुस्तकें बाजार में दो रोज पहले ही समाप्त हो गये. निरंतर पठाकों की गुंज , दीपावाली के तरह दीपक का जगमगना यह सब भारतीय जनमानस के उल्लास का प्रदर्शन था. सडक अबीर गुलाल से भरे पडे हैं. रैलियों मे , रथ ,घोडे ,बैंड बाजा ,डी जे बाजा की अवाज कोने कोने तक गुंज रही है. रैलियों में रिकार्ड स्तर के जनशैलाब की उत्सुकता , मंदिरों के भीड यह सब ऐतिहासिक परिदृश्य बनने जा रहा है. हो भी क्यों न संपूर्ण भारत वर्ष अपने नायक श्री राम के मंदिर पुनर्स्थापना पर खिशियां जो मना रहा है , और वह भी बगैर किसी निर्देशन के स्वत: नियंत्रित होकर.
आज का भारत वैश्विक परिपेक्ष्य सहित , बहु-आयामी तथ्यों में आमुल चूल बदलाव के साथ तेजी से अपने को बदल रहा है -- और यही बदलाव असल मायने में भारतीय पुनर्जागरण है. हम आप आज भारतीय पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहे हैं.
Tuesday, January 23, 2024
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