जिदंगी है कि चैन से मरने नहीं देती
( होली विशेषांक)
गुलछर्रे उडाते , रंगरसिया होली मनाकर दिन भर दोस्तों और पडोसियों के संग धिंगडमस्ती करते फगुआ में उछल कुद करते कब का रात दस बज गये पता ही नहीं चला । घर पहुंने के साथ ही पत्नी देवी और मातृदेवी की डर और चुपके से बिस्तरा में प्रवेश कर जाना हुआ। बारंबार भोजन के लिए अनुरोध, दबाव और डांट डपट मिलते रहा पर पेट तो लगभग कंठ तक फुल्ल टाईट था । सो बोलते रहा अरे तुलोग सुतने दो रे इतना परेशान काहे को जो कर रही है ----------!
मैं सोने का प्रयास करते रहा। निद्रा देवी को गोड हाथ जोडते रहा, याचना करते रहा हे देवी थोडा सा भी रहम कर दे मेरे माई -----!
मैं पसीने से सरगद हो चुका था। सीने में दर्द हो रही थी। बेचैनी और अनियंत्रित धडकन मन और माथे को बेचैन कर दे रहा था। अनियंत्रित धडकन -- पसीना और बेचैनी आपस मे प्रतियोगिता कर रहे थे कि ये फक्कड़ मेरे गुलाम है -- सबसे ज्यादा मेरा प्रभाव है इस पर ------!
तभी दिमाग में जोर का झटका लगा, मुझे हर्ट स्ट्रोक आया - मुझे दिल का दौरा पडा है ----- अरे मैं अब घंटे भर में परमधाम को जाने वाला-----! परलोक की रवानगी शुरू हो रही है ----!
अरे मैं तो भगोडा होने जा रहा हूँ, रणछोड----योद्धा - संघर्ष पथ से लापता --- बेपरवाह -- मानव का तमगाधारी इंसान के नाम से मैं कुछ घंटे बाद से ही मानव समाज में पुकारा जाऊंगा --- हे भगवान --- हे भोलेनाथ रूको जरा ---!
बक्श दो -- मुझे--!
विद्यालय स्तर पर सैकडों बच्चों का न सिर्फ शिक्षक बल्कि उनका नैतिक जिम्मेदारी को वहन करने वाले धर्मसम्मत बाप हू मैं ---! किसी का कैरियर काऊंसेलिंग करना है ----! किसी का हौसला अफजाई करना है--! किसी को उसे आगे पढाई जारी रखनए के जरूरी साधन स्रोत विकसित कराने हैं---! मैं उन बच्चों के जीवन का आश हूँ ---!महादेव तु मुझे अपने धाम को खींच रहा है। ---- नहीं नही अभी रूको ---रूक जाओ जरा -----!
विद्यालय स्तर पर ढेर सारे रिपोरृटिंग पेडिंग है, सभी जगह ससमय रिपोटिंग को आश्वस्त किया है क्या होगा उनका --?
मेरे दोनों संतान गुड्डा गुड्डी का क्या होगा भविष्य ---?!
उसके पठन पाठन का क्या होगा--? उन्हें आगे बहुत आगे ले जाने का जो सपना बच्चो के साथ देखा है उसका क्या होगा--!
अरे न न न ना गुड्डी का कल ही रिजल्ट आ रहा है--! रिपोर्ट कार्ड कल ही तो लाने है़--! हिंदी भी कम नंबर आता है उसे --!वो फिर रोयेगी अपना सर पटकेगी समझाऐगा कौन उसे--?
ऐय महादेव----महादेव ---रूको जरा --ऐ महादेव -----! अरे गुड्डा का स्कुल फी तो बकाया है -- कल ही तो नोटिस आया है -- वो भी चुकता करने हैं---ऐय महादेव -- अनर्थ होने जा रहा है --- रूको -- रूको --- रूक जाओ जरा ---! ऐ महादेव -- महादेव ----! मेरे महादेव--!
मेरे बुजूर्ग मां पिता का पैथोलोजी रिपोर्ट लाना है,उन्हें दवाई देनी है , अब क्या होगा उनका ---! पिताजी का सुगर , बीपी वो सब दवाई भी तो खतम ही हो गया है वो भी तो लाना है कौन लायेगा---! , माता राम को समझायेगा कौन इन दवाईयों के विषय में --! अरे ---ओ --मेरे महादेव कल मुझे माता राम को लेके जाना है डाक्टर के पास -- कल ही का तो नंबर मिला है ---! ऐय तुम मुझे ऐसे लेके जा नहीं सकते महादेव -- खबरदार मेरे महादेव----!
कल इलेक्ट्रीक बील भरने है़ं -- ! कुछ राशन दुकान का पैसा बकाया है -- उसे देना है,। दुध वाले का महीना पुरा हो गया है उसे पैसा देने हैं----! वेतन मिल जाय तोअपने पत्नी देवी को पसंदीदा झुमका देने हैं ---! वो कलेजे पर चढ़कर इसके लिए मुझे राजी करी थी- मैं कैसे इन सब को छोड दूं -- बोल तो---!वो बोलेगी मैं बेईमान हूंँ --- महादेव -- ऐय महादेव --- रूको रूको ----रूको ---रूको --- ऐय महादेव -- रूक जा जरा -- ऐय ---ऐय ---ऐय --मेरे ---महादेव --!
मैं छटपट पैर हाथ पटक रहा था ---! पसीना से सरोबार था---! धडकनें हडबडब हडबड करते अनियंत्रित गति से तेज होते जा रही है ----! बेचैनी ऐसी ---मानिए दम टुटने ही वाला हो --- साला ये जिंदगी चैन से मरने भी नहीं दे रही है ---
अबे छोड मुझे --- अबे छोड मुझे ---! मै़ जा रहा हूँ --महादेव---- ऐय महादेव
तभी जोर से झटका मारा मेरी --- पत्नी देवी जी ने -- एक लोटा पानी मेरे माथे उडेल दिया मैं शरगद बेड पर थोडा शांति महसुस कर रहा था --
पत्नी चिल्ला रही थी -- तु चिल्ला क्यों रहा है -- महादेव महादेव क्यों कर रहा है --चोरी चोरी चुपके चुपके -- फ्रीज में रखा हुआ भांग वाले ठंडय का पुरा जार तुने ही गटक गया था--!! अब पता चला असलियत--!-- ये भांग का नशा अभी तेरा उतारती हूँ -- बुलाती हूँ तेरे पिताजी को ----!
मैं अब बिल्कुल होशो हवश में था -- मैं शयन कक्ष में लगे भीड को देखकर बस मुस्करा रहा था और बोल रहा था ये सब मेरी पत्नी देवी का कमाल है तिल को ताड बना दिया इसने
जय हो मेरे महादेव--🙏
पवन मिश्रा (दुमका --झारखंड)
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